लखीमपुर खीरी। विद्या भारती विद्यालय पण्डित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर में 'विश्व कैंसर दिवस' के अवसर पर एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय के भैया-बहनों को इस वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती के विभिन्न वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया। कार्यक्रम प्रमुख विद्यालय के जीव विज्ञान आचार्य श्री अजय कुमार जी ने छात्रों को कैंसर की सूक्ष्म संरचना और इसके पीछे के जैविक कारणों की जानकारी दी। उन्होंने विस्तार से समझाया कि मानव शरीर की कोशिकाएं एक निर्धारित चक्र के तहत विभाजित होती हैं, लेकिन जब आनुवंशिक उत्परिवर्तन के कारण यह चक्र अनियंत्रित हो जाता है, तो कैंसर का जन्म होता है। उन्होंने बताया कि विज्ञान की दृष्टि में यह कोशिकाओं का असामान्य व्यवहार है, जिसे समय रहते सही उपचार और जांच से नियंत्रित किया जा सकता है।
इसी क्रम में आचार्य श्री विजय कुमार श्रीवास्तव जी ने छात्रों को संबोधित करते हुए आधुनिक जीवनशैली और इस बीमारी के अंतर्संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में दूषित पर्यावरण, रसायनों से युक्त खान-पान और जंक फूड का बढ़ता चलन कैंसर के प्रमुख कारकों में से एक है। उन्होंने तंबाकू, धूम्रपान और नशीले पदार्थों के सेवन को मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया और छात्रों को इनसे दूर रहने की प्रेरणा दी। श्री श्रीवास्तव जी ने जोर देकर कहा कि योग, नियमित व्यायाम और प्राकृतिक आहार को अपनाकर हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को सुदृढ़ कर सकते हैं, जिससे शरीर को ऐसी घातक बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है। इस संगोष्ठी के दौरान भैया-बहनों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया और यह समझा कि जागरूकता ही कैंसर के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सभी आचार्यों और विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंगे, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी कैंसर के लक्षणों और इसके बचाव के प्रति जागरूक कर एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
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